हर राहगीर के दिल में दम क्यों नहीं होता... सबकी आँखे कभी नम क्यों है होता ??? क्यों मन की बात सिर्फ पन्नो पे है उतरती ... जो है इसकी मंजिल वहां क्यों नहीं रहती ? हर किसी का कोई दाता क्यों है ... कोई अपना विधाता खुद क्यों नहीं है?? क्यों फ़र्क़ करता है समय सबके रिश्ते में ... क्या है ये सही जो आती है सबके हिस्से में ?? क्या हर पहचान की कुछ कीमत है होती ... जो पूरा न हो तो पहचान , पहचान नहीं होती ???
हस्तियाँ हस्तियाँ मिट जाने दो नाम गुम जाने दो हर दिन के मरने से.. . एक बार ही मर जाने दो एक वादा अभी कर लो आगे तुम कभी ना मिलो... मेरे जाने के बाद तुम रौशन ही रहो.... निशानियाँ रह जाएँगी उसका तुम भरण कर लो सौ बार मरने से .... एक बार ही मर जाने दो इतना जो दिया तुमने कैसे लौटाऊँगी ??? खुशियाँ जो दिया तुमने वो दुगनी हो के मिले। .. और गम जो दिए तुमने वो पल-पल तुम भी जियो। हस्तियाँ मिट जाने दो नाम गुम जाने दो हर दिन के मरने से.. . एक बार ही मर जाने दो
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